राजस्थान में कम्युनिटी मेडिएटर प्रशिक्षण शुरू
स्थानीय स्तर पर विवादों को कोर्ट तक पहुंचने से पहले सुलझाने की पहल
राजस्थान में स्थानीय विवादों को अदालत में जाने से पहले सुलझाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने तीन दिवसीय कम्युनिटी मेडिएटर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। इसमें प्रतिभागियों को पारिवारिक, जमीन, सीमा और सामाजिक विवादों को बातचीत और सहमति से निपटाने की तकनीकें सिखाई गईं।
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जयपुर। राजस्थान में स्थानीय विवादों को अदालत तक पहुंचने से पहले सुलझाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कम्युनिटी मेडिएटर के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पारिवारिक, जमीन, सीमा और सामाजिक विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को केवल किताबी जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि असली मामलों पर आधारित प्रैक्टिकल अभ्यास भी करवाया गया। उन्हें सिखाया गया कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों की बात ध्यान से कैसे सुनी जाए और बिना किसी पक्ष का समर्थन किए उनके हितों को कैसे समझा जाए। कम्युनिटी मेडिएटर की भूमिका में निष्पक्षता और गोपनीयता को महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रतिभागियों को बातचीत की शुरुआत करने, दोनों पक्षों के बीच संवाद कायम करने और किसी का पक्ष लिए बिना आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने के तरीके समझाए गए। इस प्रशिक्षण में चौमूं की संतोष यादव ने भी हिस्सा लिया और कम्युनिटी मेडिएटर के तौर पर ट्रेनिंग पूरी की।
प्रशिक्षण के दौरान मिले कौशल का उपयोग लोगों को न्याय दिलाने और स्थानीय विवादों को समय रहते निपटाने में किया जाएगा। कम्युनिटी मेडिएटर पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर छोटे-बड़े विवादों का समय रहते समाधान करना है, ताकि मामलों को अनावश्यक रूप से अदालत तक ले जाने की जरूरत न पड़े। इससे लोगों का समय और संसाधन बचाने के साथ ही आपसी मेलजोल, सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
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