जयपुर नगर निगम चुनाव में 338 नामांकन पत्र खारिज
150 वार्डों में 1007 उम्मीदवारों के आवेदन सही पाए गए, नाम वापसी 3 सितंबर तक
जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए प्राप्त नामांकन पत्रों की संवीक्षा में 338 आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। सभी 150 वार्डों में कुल 1007 उम्मीदवारों के आवेदन सही पाए गए हैं। नाम वापसी की अंतिम तिथि 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक निर्धारित की गई है।
नगर निगम के 150 वार्डों में कुल 1,392 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। संवीक्षा के दौरान आवेदन फॉर्म में पाई गई कमियों के कारण 338 नामांकन निरस्त किए गए। इसके बाद कुल 1007 उम्मीदवारों के आवेदन वैध पाए गए।
भीनमाल नगर पालिका चुनाव में जांच के बाद 90 नामांकन पत्र खारिज हुए। सिणधरी में 77 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनमें भाजपा के 20 और कांग्रेस के 19 उम्मीदवार शामिल हैं। कांग्रेस के वार्ड संख्या 15 के प्रत्याशी कपिल का नामांकन खारिज होने से पार्टी के उम्मीदवारों की संख्या 20 से घटकर 19 रह गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय लोक पार्टी के 6 और 25 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में हैं।
वार्ड 23 में कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा के नामांकन को आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी के कारण खारिज किया गया। इस वार्ड में भाजपा के मनन कलासुआ ही एकमात्र उम्मीदवार बच गए हैं। मनन कलासुआ भाजपा के पूर्व एवं वर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के पुत्र हैं। यदि नामांकन वापसी की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होता है, तो उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
स्क्रूटनी के बाद भाजपा के 40 और कांग्रेस के 39 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इसके अलावा, भारत आदिवासी पार्टी के 12 और निर्दलीय 12 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं। कुल 103 प्रत्याशियों के 108 आवेदन वैध घोषित किए गए हैं, जिनमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या, अनिल पटेल, रेखा श्रीमाल और भोपाल सिंह के डबल नामांकन भी शामिल हैं।
राजनीतिक दल अब बागियों को मनाने में जुटे हैं क्योंकि कई वार्डों में टिकट न मिलने के कारण नेता और कार्यकर्ता निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड 31 में भाजपा के बागी सुनील जैन का मामला चर्चा में है। भाजपा ने पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन को टिकट दिया है, जिससे नाराज होकर सुनील जैन ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया, जो जांच में वैध पाया गया।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाय चुनाव की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।
कई वार्डों में उम्र, लाभ के पद या आपराधिक प्रकरण के आधार पर नामांकन खारिज हुए हैं। नापासर में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने से भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। सांगोद के वार्ड 19 में कांग्रेस प्रत्याशी हेमराज मेघवाल का नामांकन लाभ के पद के आधार पर रद्द किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध किया है, क्योंकि मेघवाल सहकारी संस्था के स्थाई कर्मचारी नहीं हैं और केवल अस्थाई तौर पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।
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