बिहार में गंगा समेत 13 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं
पटना, भागलपुर, कटिहार समेत 13 जिलों में बाढ़ का कहर, गंगा नदी में जलस्तर में गिरावट के बीच खतरा बरकरार
बिहार के 13 जिलों में गंगा, कोसी, बागमती और बूढ़ी गंडक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और करीब 27 लाख लोग प्रभावित हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में आवाजाही बनाए रखने के लिए निर्माणाधीन फोरलेन मार्ग के उपयोग की सलाह दी है। गंगा नदी का जलस्तर गांधीघाट पर 50.58 मीटर दर्ज किया गया है, जिसमें कमी आने की उम्मीद है।
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बिहार के 13 जिलों में गंगा, कोसी, बागमती और बूढ़ी गंडक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
भागलपुर, पटना, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय और मुंगेर समेत बिहार के 13 जिलों में बाढ़ का कहर जारी है। कोसी नदी खगड़िया के बलतारा में 35.15 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर है। गंगा नदी का जलस्तर गांधीघाट पर 50.58 मीटर तक पहुंच गया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के जलस्तर में अब कमी आने की उम्मीद है।
इस्माइलपुर प्रखंड कार्यालय में पानी घुसने के कारण कार्यालय नवगछिया स्थानांतरित किया जा रहा है।
बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.550 मीटर था, जो खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर अधिक है। सरयू के तटवर्ती करीब 75 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सूरतगंज ब्लाक के हेतमापुर में कटान तेज हो गया है, जिससे नदी के किनारे स्थित मंदिर और दूरसंचार भवन खतरे में हैं।
बैराजों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों में दबाव बढ़ गया है। गिरजा बैराज से 1,80,107 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,90,278 क्यूसेक, सरयू बैराज से 5,949 क्यूसेक और सुहेली बैराज से 19,120 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बारिश के कारण नवाबगंज में सात, रामसनेहीघाट में दो, फतेहपुर में 25, रामनगर में छह और सिरौलीगौसपुर में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। फोरलेन मार्ग पर भी कुछ जगहों पर पानी चढ़ गया है, जिससे आवाजाही बंद होने का खतरा है। भागलपुर जिले का मुंगेर और पटना से सड़क संपर्क बाधित हो सकता है, हालांकि पटना जाने के लिए नवगछिया मार्ग का उपयोग किया जा सकता है।
बिहार में बाढ़ से करीब 27 लाख लोग प्रभावित हैं और 109 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने निर्माणाधीन फोरलेन के इस्तेमाल की सलाह दी है ताकि प्रभावित इलाकों में आवाजाही बनी रहे।
गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है
सम्राट चौधऱी, मुख्यमंत्री
अप स्ट्रीम में वाराणसी, बक्सर में पानी काफी घट गया है
अलंकृता पांडेय, डीएम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बाढ़ के कारण किन इलाकों का सड़क संपर्क बाधित हुआ है?
- भागलपुर जिले का मुंगेर और पटना से सड़क संपर्क बाधित हो सकता है, लेकिन नवगछिया मार्ग पहंच के लिए उपलब्ध है।
- सरयू नदी के किनारे किन वस्तुओं/ स्थलों को खतरा है?
- सूरतगंज ब्लाक के हेतमापुर में कटान से नदी किनारे स्थित मंदिर और दूरसंचार भवन खतरे में हैं।
- बैराजों से कितनी मात्रा में पानी छोड़ा गया है?
- गिरजा बैराज से 1,80,107 क्यूसेक और शारदा बैराज से 1,90,278 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
- प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवाजाही के लिए क्या सुझाव दिया है?
- प्रशासन ने निर्माणाधीन फोरलेन मार्ग उपयोग करने की सलाह दी है ताकि आवाजाही बनी रहे।
- गंगा नदी के जलस्तर में अभी क्या बदलाव हो रहा है?
- उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के जलस्तर में अब कमी आने की उम्मीद है और 17-18 सेंटीमीटर गिरावट दर्ज हुई है।
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