बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को चॉकलेट इंडिया गेट भेंट किया
रास्ते में पिघली चॉकलेट की प्रतिकृति, लेकिन संदेश पहुंचा
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को चॉकलेट से बनी इंडिया गेट की प्रतिकृति भेंट की, जो सफर में पिघल गई। दोनों नेताओं ने भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद किया और भारत-बेल्जियम के बीच व्यापार एवं रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। डी वेवर ने बताया कि एक बैकअप मॉडल पीएम मोदी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
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बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चॉकलेट से बनी इंडिया गेट की प्रतिकृति भेंट की। यह अनोखा उपहार 3 सितंबर को नई दिल्ली में पीएम मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में चर्चा का विषय बना। रास्ते में यह नाजुक चॉकलेट मॉडल पिघल गया, लेकिन दोनों नेताओं ने इसके पीछे की भावना को अहम बताया।
डी वेवर ने बताया कि उन्होंने यह चॉकलेट इंडिया गेट इसलिए चुना क्योंकि यह स्मारक प्रथम विश्व युद्ध में भारत के सैनिकों की याद में बना है, जिन्होंने बेल्जियम में लड़ाई लड़ी थी। दोनों प्रधानमंत्रियों ने फ्लैंडर्स फील्ड्स में 9000 से अधिक भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद किया।
चॉकलेट की यह प्रतिकृति बेल्जियम की मशहूर चॉकलेट परंपरा और भारत के ऐतिहासिक स्मारक को जोड़ती है। हालांकि, यह उपहार भारत तक पहुंचने में सफल नहीं हो पाया क्योंकि रास्ते में यह पिघल गया। डी वेवर ने कहा, "चॉकलेट का इंडिया गेट भारत तक की यात्रा में बच नहीं पाया।" उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी तरह इसे पीएम मोदी तक सही-सलामत पहुंचाएंगे ताकि यह मीठा कूटनीतिक संदेश अपनी मंजिल तक पहुंचे।
इस घटना को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा, "चॉकलेट डिप्लोमेसी के लिए तो बेहतरीन है, लेकिन कूटनीतिक यात्राओं के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।" प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात पर ठहाके गूंज उठे।
फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह डी वेवर का पहला भारत दौरा था। दोनों नेताओं ने भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। रॉयटर्स के अनुसार, दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर काम करेंगे और भारत में बेल्जियम के निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए इन्वेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म की घोषणा की गई।
चॉकलेट से बना इंडिया गेट भले ही सफर में न बचा हो, लेकिन इसके पीछे की भावना जस की तस रही। डी वेवर ने बताया कि बेल्जियम में इसका एक बैकअप मॉडल सुरक्षित है, जिसे वे पीएम मोदी तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। यह कूटनीतिक उपहार दोनों देशों के साझा इतिहास और संबंधों का प्रतीक है।
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