ब्यावर के अखावतों का बाड़िया में धरतीपुत्र बाल विकास केंद्र खुलेगा
3 से 6 साल के बच्चों के लिए शिक्षा, खेलकूद, योग और नैतिक शिक्षा का प्रावधान
राजस्थान के ब्यावर जिले के नया गांव पंचायत के राजस्व ग्राम गेना में अखावतों का बाड़िया में धरतीपुत्र बाल विकास केंद्र शुरू होगा, जिसे धरतीपुत्र श्री वीर तेजा सोशल फाउंडेशन ने मंजूरी दी है। यह केंद्र 3 से 6 साल के बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास पर केंद्रित होगा और इसमें पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, खेलकूद, योग, संस्कार और स्वास्थ्य जागरूकता जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी। ग्रामीणों की सहमति से केंद्र के स्थान का चयन किया जाएगा और वे इसकी सुरक्षा और निगरानी में सहयोग करेंगे।
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ब्यावर। राजस्थान के ब्यावर जिले के मसूदा तहसील के नया गांव पंचायत के राजस्व ग्राम गेना में अखावतों का बाड़िया में धरतीपुत्र बाल विकास केंद्र शुरू होगा। इस केंद्र को धरतीपुत्र श्री वीर तेजा सोशल फाउंडेशन ने मंजूरी दी है।
इस केंद्र का प्रस्ताव सबसे पहले शिक्षक प्रदीप यादव और गांव के ग्रामीणों ने संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रवण कुमार डुडी के सामने रखा था। ग्रामीणों की जरूरत और सामूहिक पहल को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसे मंजूरी दी।
केंद्र मुख्य रूप से 3 से 6 साल से कम उम्र के बच्चों के विकास पर ध्यान देगा। यहां बच्चों को पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, खेलकूद, योग, रचनात्मक गतिविधियां, चित्रकला, कहानी-कविता, संस्कार और नैतिक शिक्षा दी जाएगी।
इसके अलावा भाषा और संवाद कौशल, सामान्य ज्ञान, स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता तथा पोषण संबंधी जानकारी भी दी जाएगी। केंद्र का मकसद बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास के साथ उनकी प्रतिभा को छोटी उम्र से पहचानना और उसे निखारने के लिए बेहतर माहौल प्रदान करना है।
केंद्र के लिए जगह का चुनाव ग्रामीण सर्वे और आपसी सहमति से किया जाएगा। ग्रामीणों की सहमति से चुनी गई जगह संस्था को दी जाएगी। बच्चों और केंद्र परिसर की सुरक्षा, निगरानी और सुरक्षित माहौल बनाए रखने में ग्रामीण मिलकर सहयोग करेंगे और जिम्मेदारी उठाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र शुरू होने से गांव के छोटे बच्चों को शुरुआती दौर में ही सीखने, खेलने और अपनी प्रतिभा विकसित करने का अच्छा मौका मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- केंद्र की स्थापना का उद्देश्य क्या है?
- केंद्र का मकसद बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास के साथ उनकी प्रतिभा को पहचानना और निखारना है।
- केंद्र के लिए जगह कैसे चुनी जाएगी?
- जगह का चुनाव ग्रामीण सर्वे और आपसी सहमति से किया जाएगा और ग्रामीण सहयोग करेंगे।
- क्या केंद्र परिसर की सुरक्षा की व्यवस्था है?
- हां, बच्चों और केंद्र की सुरक्षा, निगरानी, और सुरक्षित माहौल बनाए रखने में ग्रामीण मिलकर जिम्मेदारी उठाएंगे।
- ग्रामीण केंद्र की शुरूआत को कैसे देखते हैं?
- ग्रामीणों का मानना है कि इससे बच्चों को शुरुआती दौड़ में सीखने और प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलेगा।
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