बाड़मेर में 9 सितंबर को नगर परिषद चुनाव, 63 हजार वोटर
68 मतदान केंद्रों में 52 संवेदनशील घोषित, विधायक के वार्ड में मुकाबला कड़ा
बाड़मेर में 9 सितंबर को नगर परिषद चुनाव होंगे, जिनमें 63 हजार मतदाता मतदान करेंगे। कुल 68 मतदान केंद्रों में से 32 को संवेदनशील और 20 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है, और सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। चुनाव में 179 प्रत्याशी विभिन्न वार्डों से हिस्सा ले रहे हैं।
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बाड़मेर। बाड़मेर नगर परिषद के लिए 9 सितंबर को मतदान होगा जिसमें 63 हजार मतदाता शामिल हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। 68 मतदान केंद्रों में से 32 को संवेदनशील और 20 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।
बाड़मेर नगर परिषद क्षेत्र में कुल 68 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से आधे से अधिक केंद्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं। अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि 32 मतदान केंद्र संवेदनशील और 20 अति संवेदनशील हैं। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया है।
नगर परिषद के 55 वार्डों में कुल 179 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें कई पति-पत्नी के नाम अलग-अलग वार्डों में मतदाता सूची में दर्ज हैं। उदाहरण के तौर पर तनसिंह सर्किल निवासी कमल किशोर का नाम वार्ड संख्या 3 की मतदाता सूची में है, जबकि उनकी पत्नी नेहा का नाम वार्ड संख्या 52 में जोड़ा गया है।
विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी के गृह वार्ड 16 में मुकाबला दिलचस्प है। भाजपा ने पूर्व पार्षद उषा के पिता किशोर कुमार को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पदमाराम को मैदान में उतारा है। इसके अलावा RLP से सुआ देवी और निर्दलीय शिवरतन भी चुनाव लड़ रहे हैं। इस वार्ड में टूटी सड़कें, पेयजल की कमी और सफाई व्यवस्था प्रमुख मुद्दे हैं।
वार्ड 34 में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष पृथ्वीराज चांडक का प्रभाव है। महिला सीट होने के कारण चांडक ने अपनी पत्नी अर्चना चांडक को भाजपा से प्रत्याशी बनाया है। इस वार्ड में अब तक केवल एक बार कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव जीत पाया है।
पूर्व विधायक मेवाराम जैन के लिए चुनौती है कि वे अपने वोट वार्ड 54 में और निवास वार्ड 2 में पार्टी प्रत्याशियों को जिताएं। कांग्रेस ने वार्ड 54 में युवा प्रत्याशी जिज्ञासा जैन को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व पार्षद निर्मला को दोबारा मौका दिया है। इस वार्ड में निर्दलीय सायर कंवर और बहीदा रहमान भी चुनाव लड़ रहे हैं।
वार्ड 48 में मुकाबला त्रिकोणीय है। कांग्रेस ने माली के चचेरे भाई पारस परमार को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने खीमराज जांगिड़ को प्रत्याशी बनाया है।
निकाय चुनाव में कुल 21 बागी उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा से 47 और कांग्रेस से 45 उम्मीदवार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। कई उम्मीदवारों को वार्ड बदलना पड़ा है। कुल 14 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय और 6 वार्डों में रालोपा के प्रत्याशी भी हैं।
पुत्र रमेश कुमार ने बताया कि उनका पुराना घर वार्ड संख्या 3 में था, लेकिन अब उन्होंने वार्ड संख्या 1 में नया मकान बना लिया है।
प्रशासन ने मतदान के दौरान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।
मतदान का समय और व्यवस्था
मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता के आधार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कौन-कौन से वार्डों में प्रमुख मुकाबले हैं?
- वार्ड 16, 34, 48 और 54 में मुकाबला दिलचस्प बताया गया है, जहां कई राजनीतिक दिग्गज प्रत्याशी हैं।
- मतदान केंद्रों में सुरक्षा के क्या प्रबंध हैं?
- प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किए हैं और संवेदनशील केंद्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
- बागी उम्मीदवारों की संख्या कितनी है?
- निकाय चुनाव में कुल 21 बागी उम्मीदवार मैदान में हैं।
- क्या कुछ उम्मीदवारों को वार्ड बदलना पड़ा है?
- हाँ, कई उम्मीदवारों को वार्ड बदलकर चुनाव लड़ना पड़ा है, जैसे कि रमेश कुमार।
- महिला सीट वाली वार्ड में कौन-कौन प्रत्याशी हैं?
- वार्ड 34 महिला सीट है, जहां भाजपा की तरफ से अर्चना चांडक और कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन कांग्रेस की जीत वहां कम देखने को मिली है।
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