जालोर में अवैध पिस्टल मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार
अरनोद पुलिस ने ससुर के घर से आरोपी को पकड़ा, पहले भी दर्ज हैं मामले
जालोर। जालोर के अरनोद थाना क्षेत्र में अवैध देसी पिस्टल और कारतूस की खरीद-फरोख्त के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने नाकाबंदी कर पीछा किया और ससुर के घर से उसे दबोचा।
पुलिस ने बताया कि 22 अगस्त को अरनोद पुलिस माताजी का सिंगपुरिया के छोटा घाट तिराहा पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान नीमच की तरफ से आई एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जिसमें चालक मोसीन खान (37) पुत्र शाब्दुल्ला खान मौजूद था। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस ने स्कॉर्पियो जब्त कर मोसीन खान को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ में सामने आया कि मोसीन खान को यह पिस्टल और कारतूस मीर अफजल उर्फ इमरान खान पुत्र हैदर खान ने दिए थे। बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि अफजल ग्राम देवली में अपने ससुर मीर आजम खान के घर आया हुआ है।
पुलिस ने अफजल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई में अरनोद थाना प्रभारी शिवलाल मीणा, एएसआई प्रेमलाल, एएसआई ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल बाबूलाल, कांस्टेबल मुकेश कुमार और हनुमान शामिल थे।
पुलिस आरोपी से हथियार की सप्लाई और खरीद-फरोख्त के बारे में पूछताछ कर रही है।
सरवाना थाना क्षेत्र के जाणवी गांव में 23 अगस्त को हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल बरामद की है और घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमलेश विश्नोई निवासी डडूसन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। उससे वारदात में शामिल अन्य आरोपियों और घटना के पीछे की पूरी साजिश को लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार 23 अगस्त को धोलाराम और नरेश कुमार सरहद सुजाननगर-जाणवी क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी कमलेश विश्नोई और उसके साथियों ने दोनों को रास्ते में रोक लिया। गोली नरेश कुमार के गले में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
फायरिंग की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए। घटना के संबंध में सरवाना थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की।
पुलिस ने तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में फायरिंग के पीछे सामाजिक विवाद सामने आया है। जांच में पता चला कि घायल युवक ने गांव से एक लड़की को भगाने में एक युवक का सहयोग किया था। बताया जा रहा है कि वह युवक पहले भी इस तरह की घटना में सहयोग कर चुका था। इसी बात को लेकर लड़की के परिजनों में आक्रोश था।
इस मामले में पिस्टल बरामद होने के बाद जिले में अवैध हथियारों की सप्लाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जालोर में पहले भी फायरिंग की कई घटनाओं में पिस्टल और देशी कट्टों के इस्तेमाल की बात सामने आती रही है। पुलिस के सामने अब चुनौती केवल आरोपियों को गिरफ्तार करने की नहीं, बल्कि हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क तक पहुंचने की भी है।
वर्ष 2019 में एसओजी की कार्रवाई में मध्य प्रदेश के धार से हथियार लाकर जालोर क्षेत्र में सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया था। उस कार्रवाई में तीन हथियार तस्करों से 10 पिस्टल और 45 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इससे जिले में अवैध हथियारों की सप्लाई के दूसरे राज्यों से जुड़े नेटवर्क की आशंका सामने आई थी।
पुलिस नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आरोपी से रिमांड के दौरान वारदात में शामिल अन्य लोगों और हथियार की उपलब्धता को लेकर पूछताछ की जा रही है।
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