6-7 सितंबर को अजा एकादशी, पूजा और दीपक जलाने के उपाय
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि शाम 7:30 बजे से शुरू होकर अगले दिन शाम 5:03 बजे तक रहेगी
6-7 सितंबर को भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी रहेगी, जिसमें व्रत और खास पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने दीपक जलाना, तुलसी की आरती करना और जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है। अजा एकादशी की तिथि 6 सितंबर की शाम से शुरू होकर 7 सितंबर की शाम तक रहेगी।
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भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है, जो इस साल 6 सितंबर की शाम से शुरू होकर 7 सितंबर की शाम तक रहेगी। इस दिन व्रत रखने से पापों का नाश होता है और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
अजा एकादशी के दिन मंदिरों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के चरणों के पास 11 दीपक जलाने की परंपरा है। ऐसा करने से कर्ज और दरिद्रता जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। शाम को घर के पूजा स्थल या ईशान कोण में 5 या 11 दीपक जलाना शुभ माना जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कमी नहीं होती।
अजा एकादशी की संध्या पर घर के मुख्य द्वार के बाहर एक दीपक जलाना चाहिए क्योंकि माना जाता है कि इस समय भगवान भ्रमण पर होते हैं और दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। तुलसी की आरती सुबह और शाम दोनों समय करनी चाहिए, क्योंकि तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। तुलसी के समक्ष दीपक जलाने से लक्ष्मी माता की कृपा बनी रहती है।
शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। पीपल के नीचे दीपक जलाने से जीवन के बड़े संकट टल सकते हैं और धन-संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। पूजा में पीले फूल, तुलसी के पत्ते, फल और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद विष्णु मंत्र का जाप, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और अजा एकादशी की कथा सुनना शुभ होता है।
इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य सामग्री दान करना भी शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार अजा एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे शुरू होकर 7 सितंबर की शाम करीब 5:03 बजे तक रहेगी। इस दिन सोमवार होने के कारण श्रद्धा और आस्था के साथ व्रत रखा जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अजा एकादशी के दिन पूजा में किन चीज़ों का उपयोग होता है?
- पूजा में पीले फूल, तुलसी के पत्ते, फल और नैवेद्य अर्पित किया जाता है।
- अजा एकादशी पर दीपक जलाने का क्या महत्व है?
- दीपक जलाने से कर्ज और दरिद्रता जैसी समस्याओं से राहत मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- अजा एकादशी के दिन दान देना क्यों जरूरी होता है?
- जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य सामग्री दान करने से पुण्य प्राप्त होता है और दान को शुभ माना जाता है।
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