पंचकूला में घग्गर नदी में नहाते किशोर की मौत
कुराली के 16 वर्षीय अनिकेत नदी के तेज बहाव में डूबा, पांच-छह युवक साथ थे
पंचकूला के बुर्जकोटिया में, घग्गर नदी के झरने पर नहाते समय 16 वर्षीय अनिकेत पानी में डूब गया। पुलिस ने बताया कि युवक हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश से नदी के तेज बहाव में फंस गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। अनिकेत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और प्रशासन ने क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगा रखे हैं, फिर भी यहाँ अक्सर लोग घूमने आते हैं।
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पंचकूला के बुर्जकोटिया में घग्गर नदी के झरने पर नहाते समय 16 वर्षीय अनिकेत पानी में डूब गया। वह अपने पांच-छह दोस्तों के साथ घूमने आया था। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुराली से करीब पांच-छह युवक बुर्जकोटिया स्थित घग्गर नदी के पास घूमने आए थे। इसी दौरान झरने में नहाते समय 16 वर्षीय अनिकेत पानी के तेज बहाव में फंस गया और डूब गया।
मृतक के शव को सेक्टर-6 पंचकूला स्थित अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवा दिया गया है। साथ आए दोस्तों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
पंचकूला में पिंजौर के गांव बुर्जकोटिया में घग्गर नदी में डूबने की यह घटना उस इलाके में हुई है जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। प्रशासन ने लोगों को सावधान करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद युवक-युवतियां अक्सर यहां घूमने आते हैं।
पुलिस ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। नदी के तेज बहाव और झरने की वजह से यह इलाका खतरनाक हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार नदी की गति मुख्य रूप से ढलान, पानी की मात्रा, नदी की चौड़ाई और घाटी की बनावट पर निर्भर करती है। जब पानी की बड़ी मात्रा संकरी जगह से गुजरती है और खड़ी ढलान होती है तो पानी की गति खतरनाक रूप से बढ़ जाती है।
दुनिया की कुछ नदियां जैसे अफ्रीका की कांगो नदी, चिली की फुटालेउफू नदी, दक्षिण अमेरिका की अमेज़न नदी और अफ्रीका की ज़ाम्बेज़ी नदी तेज बहाव और उथल-पुथल वाले रैपिड्स के लिए जानी जाती हैं। कांगो नदी के इंगा फॉल्स पर 15 किलोमीटर में 96 मीटर की ऊंचाई से पानी गिरता है, जिससे तेज बहाव बनता है।
पंचकूला में भी मानसून और पहाड़ों पर हुई बारिश के कारण नदियों और नालों का बहाव तेज हो जाता है, जिससे बाढ़ और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
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