स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी के बाद निशु आजाद और पिता पर शिकायत
सुप्रीम कोर्ट की वकील ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया
हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद स्टूडेंट निशु आजाद और उनके पिता के खिलाफ हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने निशु के सोशल मीडिया अकाउंट से आपत्तिजनक पोस्टों को हटाने और संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
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हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद स्टूडेंट निशु आजाद और उनके पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने आरोप लगाया है कि निशु के एक्स अकाउंट पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया।
सचदेवा ने साइबर थाने में शिकायत में कहा है कि निशु के एक्स अकाउंट @Nishuazad11 से अगस्त 2023 और सितंबर 2023 के बीच चार पोस्ट में भगवान शिव, भगवान कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा का अपमान किया गया। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं के तहत कार्रवाई की भी मांग की गई है।
सचदेवा ने बताया कि उन्होंने पहले इन पोस्ट को हटाने की मांग की थी, लेकिन वे ऑनलाइन बनी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पोस्टों का मकसद हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़काना था। उन्होंने निशु को नाबालिग बताया और उसके पिता को अभिभावक बताया है। जांच में यह भी शामिल है कि अकाउंट घर के किसी नाबालिग द्वारा चलाया जा रहा था या नहीं।
सचदेवा ने चार पोस्ट, मीडिया और एक्स का रिकॉर्ड, आईपी लॉग, डिवाइस की जानकारी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत सुरक्षित रखने की मांग की है। साथ ही कथित आपत्तिजनक कंटेंट को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाने की भी मांग की गई है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था। इसके बाद विपक्ष के नेताओं ने भारद्वाज की आलोचना की। कॉकरोच जनता पार्टी ने उसकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। चिराग पासवान ने भी भारद्वाज से दूरी बनाई और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पत्रकार सुबोध कुमार मिश्रा ने कहा कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में हैं और विभिन्न अखबारों में काम कर चुके हैं। उनका मानना है कि खबरें तथ्यात्मक और विश्वसनीय होनी चाहिए, क्योंकि कल्पना पर आधारित खबरें घातक हो सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या निशु आजाद नाबालिग है?
- शिकायतकर्ता अमिता सचदेवा ने निशु को नाबालिग बताया है और उसके पिता को अभिभावक कहा है।
- स्वतंत्र भारद्वाज ने किस पर हमला करने का दावा किया?
- भारद्वाज ने दावा किया कि उसने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में निशु के पिता का सिर फोड़ा था।
- राजनीतिक दलों और नेताओं ने भारद्वाज के खिलाफ क्या किया?
- कॉकरोच जनता पार्टी ने गिरफ्तारी की मांग की और चिराग पासवान ने भारद्वाज से दूरी बनाई, साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
- पत्रकार सुबोध कुमार मिश्रा ने खबरों के बारे में क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि खबरें प्रमाणिक, तथ्यात्मक और विश्वसनीय होनी चाहिए, अन्यथा कल्पना पर आधारित खबरें घातक हो सकती हैं।
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