सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बिगड़ी, IT स्टॉक्स में गिरावट
7 सितंबर को बाजार लाल निशान पर खुला, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
7 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, जिसमें IT सेक्टर के प्रमुख स्टॉक्स में भी कमी आई। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक geopolitical तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर रहा, जिससे बाजार में लगातार चार दिनों की गिरावट दर्ज हुई।
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7 सितंबर को शेयर बाजार की शुरुआत सप्ताह के पहले दिन ही गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 190 अंक नीचे 76,325 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 14 अंकों की गिरावट के साथ 23,883 पर खुला। IT सेक्टर के प्रमुख शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
इन्फोसिस के शेयर 2.55 प्रतिशत टूटकर 1,101.15 रुपये पर आ गए। टेक महिंद्रा में 2.07 प्रतिशत और एचसीएल टेक में 1.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। वहीं, रेल विकास निगम (RVNL) के शेयर हरे निशान पर खुले और करीब डेढ़ प्रतिशत बढ़कर 215.70 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सेंसेक्स के लिए 77,000 से 77,500 का दायरा पहली बड़ी रुकावट है और 77,700 से 78,000 का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि सेंसेक्स 78,000 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो तेजी आ सकती है और यह 78,500 से 78,800 तक पहुंच सकता है।
निफ्टी के लिए 23,800 से 23,600 का स्तर सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24,000 से 24,200 का दायरा बड़ा रेजिस्टेंस है। अगले सप्ताह निफ्टी 23,600 से 24,200 के बीच रहने की संभावना है और रुझान साइडवेज या मंदी की तरफ हो सकता है। 24,000 के नीचे बने रहने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है, जबकि 24,200 के ऊपर जाने पर बाजार की कमजोर छवि बदल सकती है।
निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे आक्रामक दांव लगाने से बचें और अच्छे शेयरों पर ध्यान दें। आज कुछ कंपनियों जैसे रेल विकास निगम, ल्यूपिन, टाटा मोटर्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और जेएसडब्ल्यू स्टील पर निवेशकों की नजर रहेगी। इनके बिजनेस अपडेट, नए ऑर्डर या फंड जुटाने की खबरों पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जहाजों पर हमलों की वजह से सप्लाई बाधित होने की चिंता है। ब्रेंट क्रूड 96.80 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 92.14 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। पिछले हफ्ते ब्रेंट करीब 7.8 प्रतिशत और डब्ल्यूटीआई करीब 10 प्रतिशत बढ़ा था।
एशियाई बाजारों में आज अच्छी तेजी देखी गई है। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 3 प्रतिशत से अधिक बढ़ा, जापान का निक्की करीब 1 से 2 प्रतिशत मजबूत हुआ और ताइवान का बाजार डेढ़ प्रतिशत से अधिक ऊपर रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को छुट्टी के कारण बंद रहेंगे।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर रहा। शुक्रवार को बाजार में हल्की रिकवरी दिखी और लगातार चार दिनों की गिरावट थमी, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ऊर्जा की ऊंची लागत की चिंता से तेजी टिक नहीं पाई।
पूरे सप्ताह निफ्टी करीब 1.15 प्रतिशत गिरकर 23,897 पर और सेंसेक्स करीब 1 प्रतिशत टूटकर 76,515 पर बंद हुआ। यह लगातार चौथा हफ्ता था जब दोनों इंडेक्स गिरावट में रहे। हालांकि, छोटी कंपनियों वाले शेयरों में थोड़ी मजबूती रही, जबकि मिडकैप इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या सेंसेक्स में तेजी की संभावना है?
- यदि सेंसेक्स 78,000 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो तेजी आ सकती है, जो 78,500 से 78,800 तक पहुंच सकती है।
- निफ्टी का अगले सप्ताह क्या रुझान हो सकता है?
- निफ्टी 23,600 से 24,200 के बीच रहने की संभावना है, रुझान साइडवेज या मंदी की तरफ हो सकता है।
- किसे निवेशकों को वर्तमान माहौल में सावधानी बरतनी चाहिए?
- निवेशकों को आक्रामक दांव लगाने से बचना चाहिए और अच्छे शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
- किस कारण से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं?
- अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जहाजों पर हमलों के कारण सप्लाई में बाधित होने की चिंता से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
- भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों का क्या प्रभाव है?
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ऊर्जा की ऊंची लागत की चिंता से बाजार में तेजी टिक नहीं पा रही है।
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