राम मंदिर ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया
पूर्व वायुसेना अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने मंदिर प्रबंधन की प्रणाली समझने के बाद योजनाएं लागू करनी शुरू कीं
नई दिल्ली। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह निर्णय मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। मिश्रा ने कहा कि वे वर्तमान में पूरी प्रणाली को समझने की कोशिश कर रहे हैं और ट्रस्ट के सदस्यों से मिलकर राम मंदिर का दौरा कर अपनी योजनाओं को लागू करना शुरू कर चुके हैं।
नियुक्ति और जिम्मेदारियां
जितेंद्र मिश्रा, जो 39 वर्षों तक वायुसेना में सेवा दे चुके हैं और कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, को ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है। इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद कई पद खाली थे, जिन्हें अब भरा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वे पहले पूरी कार्यप्रणाली और व्यवस्था को गहराई से समझेंगे, उसके बाद प्रशासनिक कमान संभालेंगे।
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO का पहला लक्ष्य मंदिर के आर्थिक लेखा-जोखा को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। हालिया चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पर उठे सवालों को दूर करना और देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच विश्वास बहाल करना प्राथमिकता है। मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट के मार्गदर्शन में भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें व्यवस्थाओं और पारदर्शिता पर भी चर्चा होगी।
सियासी प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा, "केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को राज्यपाल तो किसी को राज्यसभा सदस्य बना रही है। राम मंदिर ट्रस्ट से जितेंद्र मिश्रा का क्या लेना देना है।" इस पर भाजपा ने कांग्रेस को 'दिमागी नक्सली' बताया। राम मंदिर ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य ने भी इस नियुक्ति को लेकर हैरानी जताई और बताया कि उन्हें 2 सितंबर को व्हाट्सएप पर पहला संदेश मिला।
हमारी अपील है कि आपका विश्वास और आशीर्वाद हमारे साथ बना रहे
जितेंद्र मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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