सलूम्बर में शीतला सप्तमी पर महिलाओं ने पूजा कर परिवार की खुशहाली मांगी
राजमहल परिसर स्थित शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने आरोग्य और समृद्धि की कामना की
सलूंबर। सलूम्बर शहर में 3 सितंबर को शीतला सप्तमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। राजमहल परिसर में स्थित शीतला माता मंदिर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ी, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। महिलाओं ने मां शीतला को पिछली रात तैयार किए गए दही-चावल से बने ओलिया सहित कई बासी व्यंजनों का भोग लगाया। इसके बाद शीतला माता की कथा सुनी गई और परिवार के आरोग्य के लिए प्रार्थना की गई।
शीतला सप्तमी की परंपरा के अनुसार, घरों में एक दिन पहले ही भोजन तैयार किया गया था और सप्तमी के दिन चूल्हा नहीं जलाया गया। श्रद्धालुओं ने एक दिन पहले बनाए गए बासी व्यंजनों का सेवन किया। इस पर्व को स्वास्थ्य और आरोग्य से जोड़ा जाता है।
मां शीतला की पूजा करने से परिवार को बीमारियों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि आती है। सलूम्बर के राजमहल परिसर के साथ जिले के अन्य मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था।
महिलाओं ने जल, प्रसाद और भोग चढ़ाकर माता की पूजा की। पूजा के बाद उन्होंने कथा सुनी और परिवार के सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां शीतला लाल कपड़े पहनती हैं और उनकी चार भुजाएं होती हैं। उनके हाथों में नीम के पत्ते, कलश, सूप और झाड़ू होते हैं, जो स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश देते हैं।
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