बिजनेस 2 MIN READ

एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान पर रोक लगाई

पांच सदस्यीय बेंच ने मंजूरी पर रोक लगाई, संपत्ति ट्रांसफर पर भी पाबंदी

एनसीएलटी की पांच सदस्यीय स्पेशल बेंच ने सुभाष चंद्रा की ओर से पेश रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने पर रोक लगा दी है। बेंच ने कहा कि पहले दिए गए फैसले में स्पष्ट बहुमत नहीं था और सुभाष चंद्रा को किसी भी संपत्ति को बेचने या ट्रांसफर करने से भी रोका गया है।
AI सार

एनसीएलटी की पांच सदस्यीय विशेष बेंच ने सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान पर रोक लगा दी है और उन्हें किसी भी संपत्ति को बेचने या स्थानांतरित करने से रोका गया है। यह विवाद सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े कर्ज की पुनर्भुगतान योजना को लेकर है, जिसमें कई प्रमुख बैंकों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

एक नज़र में

  • एनसीएलटी की पांच सदस्यीय स्पेशल बेंच ने सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान पर रोक लगा दी है।
  • बेंच ने सुभाष चंद्रा को किसी भी संपत्ति को बेचने या ट्रांसफर करने से भी प्रतिबंधित किया है।
  • रिपेमेंट प्लान में सुभाष चंद्रा को व्यक्तिगत गारंटर के तौर पर 6.25 करोड़ रुपये देने थे।
  • मुख्य कर्जदार कंपनियों की ओर से 1,494 करोड़ रुपये के भुगतान को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया था।
  • प्रस्ताव का कर्जदाताओं के 80.8% वोटिंग शेयर ने समर्थन किया, लेकिन कई प्रमुख बैंक और एलआईसी हाउसिंग ने इसका विरोध किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान पर क्या निर्णय लिया है?
एनसीएलटी की पांच सदस्यीय स्पेशल बेंच ने रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने पर रोक लगा दी है और सुभाष चंद्रा को संपत्ति बेचने या ट्रांसफर करने से रोका गया है।
रिपेमेंट प्लान में सुभाष चंद्रा की क्या जिम्मेदारी थी?
उन्हें व्यक्तिगत गारंटर के तौर पर 6.25 करोड़ रुपये देने थे।
प्रस्ताव को कितना प्रतिशत कर्जदाता समर्थन मिला था?
कर्जदाताओं के 80.8% वोटिंग शेयर का इस प्रस्ताव ने समर्थन प्राप्त किया था।
कौन-कौन से बैंक और कंपनियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया?
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, आरबीएल बैंक और यूनियन बैंक ने इसका विरोध किया।
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने प्रस्ताव पर क्या टिप्पणी की?
एलआईसी हाउसिंग ने कहा कि स्वीकार किए गए दावों की रकम करीब 22,006 करोड़ रुपये है, जबकि प्रस्ताव में केवल 6.25 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है, इसलिए इसे अव्यावहारिक और गैरकानूनी बताया।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

एनसीएलटी में सुभाष चंद्रा का मामला
एनसीएलटी में सुभाष चंद्रा का मामला / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

एनसीएलटी की पांच सदस्यीय स्पेशल बेंच ने सुभाष चंद्रा की ओर से पेश रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने पर रोक लगा दी है। बेंच ने कहा कि पहले दिए गए फैसले में स्पष्ट बहुमत नहीं था और सुभाष चंद्रा को किसी भी संपत्ति को बेचने या ट्रांसफर करने से भी रोका गया है।

यह विवाद सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े कर्ज को लेकर है। पिछले सप्ताह न्यायिक सदस्य निलेश शर्मा ने तीसरे सदस्य के रूप में इस रिपेमेंट प्लान को आईबीसी की धारा 114 के तहत मंजूरी दी थी। पहले दो सदस्यों ने इस मामले में अलग-अलग राय दी थी, जिसके बाद ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष ने निलेश शर्मा को तीसरे सदस्य के रूप में नियुक्त किया था।

प्रस्ताव के तहत सुभाष चंद्रा को व्यक्तिगत गारंटर के तौर पर 6.25 करोड़ रुपये देने थे, जबकि मुख्य कर्जदार कंपनियों की ओर से अलग से 1,494 करोड़ रुपये का भुगतान होना था। इस प्रस्ताव को कर्जदाताओं के 80.8 फीसदी वोटिंग शेयर का समर्थन मिला था।

हालांकि, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, आरबीएल बैंक और यूनियन बैंक ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने कहा कि स्वीकार किए गए दावों की रकम करीब 22,006 करोड़ रुपये है, जबकि प्रस्ताव में कर्जदाताओं को सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत गारंटी के बदले केवल 6.25 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है। कंपनी ने इस प्रस्ताव को अव्यावहारिक और गैरकानूनी बताया था।

इस कारण से सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवालिया प्रक्रिया पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। यह मामला बाज़ार में 26 दिन से चल रहा है और अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 क्राइम बिलासपुर में रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की सिर कुचलकर हत्या
03 बिजनेस योगी सरकार ने चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार निलंबित किए
Trust & Transparency

How this story was handled

Published5 सितंबर 2026, 23:45 IST IST
Last updated5 सितंबर 2026, 23:45 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under बिजनेस and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: बिज़नेस.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from बिजनेस.

बिजनेस

सुभाष चंद्रा पर ₹1,322 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज

बिजनेस

iPhone 18 Pro Max से पहले iPhone 17 Pro Max की कीमत में कटौती

क्राइम

बेंगलुरु में कर्ज वसूली के नाम पर महिला का अपहरण और धमकी

Recommended Stories

More from बिजनेस
सुभाष चंद्रा पर ₹1,322 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

सुभाष चंद्रा पर ₹1,322 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज

न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026
iPhone 18 Pro Max से पहले iPhone 17 Pro Max की कीमत में कटौती
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

iPhone 18 Pro Max से पहले iPhone 17 Pro Max की कीमत में कटौती

न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026
बेंगलुरु में कर्ज वसूली के नाम पर महिला का अपहरण और धमकी
क्राइम
इससे जुड़ी ख़बरें

बेंगलुरु में कर्ज वसूली के नाम पर महिला का अपहरण और धमकी

न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 क्राइम बिलासपुर में रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की सिर कुचलकर हत्या
03 बिजनेस योगी सरकार ने चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार निलंबित किए

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.