वल्लभनगर में वकीलों ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया
एडीजे और एनआई एक्ट कोर्ट की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया
वल्लभनगर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने 7 सितंबर को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया और उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच तथा स्थानीय स्तर पर एडीजे और एनआई एक्ट कोर्ट खोलने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे क्षेत्र के लोग अपने मामलों की सुनवाई के लिए आने-जाने में हो रही परेशानी से बचेंगे और न्याय प्राप्त करना आसान होगा। बहिष्कार के कारण वरिष्ठ सिविल न्यायालय में सुनवाई प्रभावित हुई।
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उदयपुर। वल्लभनगर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने 7 सितंबर को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। उन्होंने उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच और स्थानीय स्तर पर एडीजे व एनआई एक्ट कोर्ट खोलने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे क्षेत्र के लोगों को न्याय मिलने में आसानी होगी।
बार अध्यक्ष बाबूलाल डांगी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए धरना दिया। उन्होंने राज्य सरकार और न्यायपालिका से जल्द फैसला लेने की अपील की। वल्लभनगर में अलग से एडीजे कोर्ट और एनआई एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अलग कोर्ट की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
अधिवक्ताओं के अनुसार, एनआई एक्ट से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन कोर्ट न होने के कारण मामलों को निपटाने में देरी हो रही है। इससे क्षेत्र के लोग अपने मामलों की सुनवाई के लिए दूर के कोर्ट में जाते हैं, जिससे उन्हें समय, पैसा और मेहनत की अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के कारण वरिष्ठ सिविल न्यायालय में सुनवाई प्रभावित हुई। अधिवक्ताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर कोर्ट खुलने से क्षेत्र के लोगों को जल्दी और आसानी से न्याय मिल पाएगा। इस मौके पर पूर्व बार अध्यक्ष रमेशचंद्र सांगावत, उपाध्यक्ष सुरेशचंद्र मेनारिया, महासचिव भूपेंद्र मेनारिया, सचिव चंद्रप्रकाश मेघवाल, अध्यक्ष धनराज डांगी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- वकीलों का बहिष्कार क्यों किया गया?
- वकीलों ने बेहतर न्याय व्यवस्था के लिए स्थानीय कोर्ट खोलने की मांग को लेकर बहिष्कार किया।
- बहिष्कार का असर किस पर पड़ा?
- बहिष्कार के कारण वरिष्ठ सिविल न्यायालय में सुनवाई प्रभावित हुई।
- अधिवक्ताओं की मांग से क्षेत्र के लोगों को क्या लाभ होगा?
- स्थानीय कोर्ट खुलने से क्षेत्र के लोगों को जल्दी और आसानी से न्याय मिलेगा, जिससे समय और खर्च की बचत होगी।
- बहिष्कार के दौरान कौन-कौन से बार अधिकारी मौजूद थे?
- इस दौरान पूर्व बार अध्यक्ष रमेशचंद्र सांगावत, उपाध्यक्ष सुरेशचंद्र मेनारिया, महासचिव भूपेंद्र मेनारिया, सचिव चंद्रप्रकाश मेघवाल, और अध्यक्ष धनराज डांगी मौजूद थे।
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