खैरथल में कृषि कार्मिकों ने लंबित पदोन्नति व संसाधन की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया
कर्मचारियों ने ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी दी, 8 सितंबर से बढ़ाएंगे आंदोलन
राजस्थान के खैरथल में कृषि विभाग के कर्मियों ने दो वर्षों से लंबित पदोन्नति और ऑनलाइन कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की अनुपलब्धता के विरुद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। कार्मिकों ने अपने आंदोलन के पहले चरण में राजकीय व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर निकलकर उद्यान विभाग के अतिरिक्त कार्यों के बहिष्कार का कदम उठाया है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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खैरथल। राजस्थान के खैरथल में कृषि विभाग के कार्मिकों ने दो साल से लंबित पदोन्नति और ऑनलाइन कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन न मिलने के विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं और ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू किया है।
कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश तक्षक ने बताया कि कृषि कार्मिक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। इसके बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से लंबित है और ऑनलाइन कार्यों के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
कार्मिकों ने बताया कि विभाग की लगभग सभी योजनाएं और कई अन्य कार्य ऑनलाइन संचालित हो रहे हैं, लेकिन उन्हें निजी मोबाइल, इंटरनेट और अन्य संसाधनों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ा है।
आंदोलन के पहले चरण की शुरुआत 1 सितंबर से हो चुकी है, जिसमें कृषि कार्मिकों ने राजकीय व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर निकलने के साथ उद्यान विभाग के अतिरिक्त कार्यों और फार्मर रजिस्ट्री कैंपों का बहिष्कार शुरू किया है।
आंदोलन के दूसरे चरण में 8 सितंबर से सभी ऑनलाइन कार्यों और ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग का भी बहिष्कार किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि विभाग की ओर से मांगों का उचित समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और आगामी चरणों की घोषणा की जाएगी।
प्रदेशव्यापी आंदोलन के जरिए कृषि कार्मिक सरकार और विभाग का ध्यान लंबित पदोन्नति और संसाधन उपलब्ध कराने सहित अपनी विभिन्न मांगों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। कई बार वार्ता के बावजूद समाधान न होने के कारण आंदोलन को मजबूरी माना जा रहा है।
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