भारतीय शेयर बाजार में 4 सितंबर को तेज शुरुआत की उम्मीद
ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुल सकते हैं
4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के सकारात्मक शुरुआत की संभावना है, जिसमें गिफ्ट निफ्टी 44 अंक की वृद्धि के साथ 24,044 के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार की दिशा अमेरिकी और एशियाई बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और ब्याज दरों जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर के बयान से ब्याज दरों की चिंता कम हुई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से बाजार पर दबाव हो सकता है।
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नई दिल्ली। 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। गिफ्ट निफ्टी करीब 44 अंक की बढ़त के साथ 24,044 के आसपास कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी आज बढ़त के साथ खुल सकते हैं, लेकिन बाजार की दिशा अमेरिकी और एशियाई बाजार, कच्चे तेल की कीमत और ब्याज दरों पर निर्भर करेगी।
अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार खरीदारी देखने को मिली। डॉउ जोंस 1.18 फीसदी चढ़कर 53,686.11 पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 में 1.06 फीसदी और नैस्डैक में 1.40 फीसदी की तेजी रही। बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने अमेरिकी बाजार को सपोर्ट किया। एनवीडिया करीब 1.80 फीसदी, माइक्रोसॉफ्ट 2.68 फीसदी, एप्पल 1 फीसदी, अमेजन 1.54 फीसदी, मेटा 3.01 फीसदी और अल्फाबेट 1.59 फीसदी ऊपर बंद हुए।
इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिका के फेडरल रिजर्व गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के कमेंट्स रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगर महंगाई में कमी जारी रहती है तो ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखना बेहतर हो सकता है। इससे बाजार में ब्याज दरों को लेकर चिंता कम हुई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों से भारतीय बाजार को पूरी तरह एकतरफा संकेत नहीं मिल रहे हैं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1.23 फीसदी और जापान का निक्केई 0.65 फीसदी की बढ़त में कारोबार कर रहा था। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग इंडेक्स कमजोर संकेत दे रहा था और शंघाई इंडेक्स भी लाल निशान में था। एशियाई बाजारों में मिली-जुली तस्वीर का असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है।
गिफ्ट निफ्टी भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत देता है। शुक्रवार सुबह यह करीब 24,044 के लेवल पर था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 44 अंक ऊपर है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है। हालांकि, सिर्फ शुरुआती तेजी को देखकर बाजार की पूरी दिशा तय करना सही नहीं होगा। कारोबार के दौरान ग्लोबल संकेतों और घरेलू फैक्टर्स का असर देखने को मिल सकता है।
सोने की कीमतों में पिछली तेजी के बाद शुक्रवार को थोड़ी स्थिरता दिखी। स्पॉट गोल्ड करीब 0.1 फीसदी बढ़कर 4,478 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। चांदी में भी करीब 0.1 फीसदी की मामूली तेजी रही।
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और जियो-पॉलिटिकल टेंशन हैं। आज ब्रेंट क्रूड 0.47 फीसदी चढ़कर 95.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए अहम है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से महंगाई और देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा बाजार की नजर सेबी की डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटेलमेंट प्राइस की समीक्षा पर भी रहेगी। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू होने के बाद से सेटेलमेंट प्राइस तय करने के प्रोसेस को लेकर सेबी बाजार भागीदारों से मिले फीडबैक की समीक्षा कर रहा है।
शेयर बाजार में शुक्रवार को कुछ कंपनियों के तिमाही नतीजे भी आने वाले हैं। धूत ट्रांसमिशन आज अपनी तिमाही कमाई के नतीजे जारी करेगा जबकि मोलबायो डायग्नोस्टिक्स 5 सितंबर को अपने तिमाही नतीजे घोषित करेगी।
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