भारतीय मूल के मंजीत बेदी पर 6 लाख डॉलर धोखाधड़ी का आरोप
पंजाब पुलिस ने मोस्ट वांटेड आरोपी मंजीत बेदी को जालंधर में गिरफ्तार किया
वॉशिंगटन। अमेरिका में सरकारी वेलफेयर योजना में धोखाधड़ी के आरोपित मंजीत सिंह बेदी को पंजाब पुलिस ने जालंधर में गिरफ्तार किया है। एफबीआई की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल इस आरोपी पर कम से कम 6 लाख डॉलर की हेराफेरी का आरोप है।
एफबीआई के अनुसार, मंजीत सिंह बेदी मार्च 2024 से जून 2025 के बीच वॉशिंगटन के टैकोमा में अपनी किराना दुकान के माध्यम से सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) के तहत मिलने वाले सरकारी लाभ कार्डों का दुरुपयोग करता था। वह ग्राहकों के ईबीटी कार्ड स्वाइप कर नकद राशि देता था और लाभ का करीब आधा हिस्सा अपने पास रख लेता था।
अमेरिकी अधिकारियों ने बेदी पर वायर फ्रॉड और एसएनएपी लाभों में धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद करने वाले को 1.50 लाख डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की थी।
मई 2026 में वाशिंगटन के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की जिला अदालत ने बेदी के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आरोप है कि वह कार से कनाडा की सीमा पार कर भारत भाग गया।
पंजाब पुलिस ने जालंधर कमिश्नरेट क्षेत्र में उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस के डीजीपी ने बताया, "जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अमेरिकी लाभ योजना से जुड़े मामले में वांछित भगोड़े को पकड़ा है।" उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस का मकसद ऐसे अपराधियों को यह संदेश देना है कि सीमा पार कर कानून से बचना संभव नहीं है।"
एफबीआई ने इस साल जून में धोखाधड़ी करने वालों की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची जारी की थी, जिसका उद्देश्य आरोपियों की पहचान कर जनता में जागरूकता बढ़ाना है। एजेंसी के अनुसार, सूची में पहले शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एफबीआई ने बताया कि बेदी वॉशिंगटन के टैकोमा में एशियन ग्रोसरी स्टोर नाम से दुकान चलाता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने इस व्यवस्था का गलत इस्तेमाल किया।
अमेरिकी जांच एजेंसी ने बताया कि शुरुआत में बेदी को बिना गिरफ्तारी के अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में वह पासपोर्ट जमा कराकर वॉशिंगटन राज्य से बाहर चला गया।
भारत और अमेरिका के बीच कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। जुलाई में भारत ने ऑपरेशन हार्डबॉल की घोषणा का स्वागत किया था, जिसमें संगठित अपराध गिरोहों के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि दोनों देशों की एजेंसियां आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
एफबीआई की यह सूची फरार आरोपियों को पकड़ने और अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में जनता की मदद हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है
जनरल जॉन वॉक
मनजीत बेदी पर सरकारी SNAP योजना में कम से कम 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है
अमेरिकी अधिकारियों
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