अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद सोना 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे
अगस्त में 1.62 लाख नई नौकरियां जुड़ीं, ब्याज दर बढ़ोतरी का दबाव बढ़ा, सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
अमेरिका में अगस्त में रोजगार के आंकड़ों के बेहतर होने के बाद फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे सोने की कीमतें एमसीएक्स पर 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गई हैं। इससे डॉलर मजबूत हुआ है और सोने तथा चांदी की कीमतों पर दबाव बना है।
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अमेरिका में अगस्त में 1.62 लाख नई नौकरियां जुड़ने के बाद सोने की कीमतें एमसीएक्स पर 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गई हैं। इस मजबूत रोजगार डेटा से फेडरल रिजर्व की 16 सितंबर को ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना है।
एलपीएल फाइनेंशियल के चीफ इकोनॉमिस्ट Jeffrey Roach ने बताया कि अगस्त में पेरोल में 1.62 लाख की बढ़ोतरी हुई है, जबकि जुलाई के आंकड़े को संशोधित कर 21,000 कर दिया गया है। इस रिपोर्ट के बाद फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की 16 सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। अगर दरें नहीं बढ़ाईं गईं तो बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
एमसीएक्स पर सोने की कीमतें 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गई हैं। चांदी की कीमत भी गिरकर 2,37,500 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गई है। कॉमेक्स पर सोना 4,451.80 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, जो 0.55 फीसदी या 24.80 डॉलर की गिरावट दर्शाता है। विदेशी बाजार में भी सोना करीब 1 फीसदी गिरकर 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
पीएल कैपिटल के कमोडिटी रिसर्च एनालिस्ट आशीष राजोदिया ने कहा कि ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद से डॉलर को मजबूती मिली है, जो सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रहा है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स के हेड ऑफ रिसर्च राजीव शरण ने बताया कि अगले दो हफ्तों तक सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
मई में कस्टम ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई थी, जिससे सोने का आयात महंगा हुआ। मई में सोने का आयात सालाना आधार पर 4 फीसदी गिरकर 29.4 टन रह गया, जबकि पिछले साल इसी महीने 30.6 टन था। जून, जुलाई और अगस्त में आयात क्रमशः 20, 23.7 और करीब 30 फीसदी तक गिरा है। जनवरी और फरवरी में आयात में 171.6 और 114.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन मार्च में 34.9 फीसदी की गिरावट आई और अप्रैल में 30.7 फीसदी की रिकवरी हुई।
अगस्त में बेरोजगारी दर 4.1 फीसदी पर स्थिर रही, जो लेबर मार्केट में सुधार को दर्शाता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की संभावना अब करीब 59 से 60 फीसदी मानी जा रही है, जो पहले 50 फीसदी थी। ब्याज दर बढ़ने से सरकारी बॉन्ड का रिटर्न बढ़ सकता है, जिससे निवेशक सोने से बॉन्ड की ओर रुख कर सकते हैं और सोने की चमक फीकी पड़ सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अमेरिका में जुलाई के रोजगार आंकड़ों में क्या बदलाव हुआ?
- जुलाई के आंकड़े को संशोधित कर 21,000 कर दिया गया है, जो पहले से कम है।
- सोने की विदेशी कीमतें वर्तमान में कितनी हैं?
- कॉमेक्स पर सोना लगभग 4,451.80 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, विदेशी बाजार में करीब 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास।
- ब्याज दर बढ़ने से सोने और चांदी पर क्या असर पड़ता है?
- ब्याज दर बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है और सरकारी बॉन्ड का रिटर्न बढ़ता है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव आता है।
- मई के बाद सोने के आयात में क्या बदलाव देखा गया?
- मई में सोने के आयात में 4 प्रतिशत की गिरावट हुई, और जून से अगस्त तक आयात में क्रमशः 20, 23.7 और करीब 30 प्रतिशत की कमी आई।
- अगस्त में अमेरिका की बेरोजगारी दर क्या रही?
- अगस्त में बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो लेबर मार्केट में सुधार को दर्शाती है।
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