वनडे में टीम हारते हुए भी चमके ये पांच बल्लेबाज
ऐसी पारियां जो व्यक्तिगत कीर्ति बन गईं, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सकीं
वनडे क्रिकेट इतिहास में कई बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रूप से बड़ी पारियां खेलीं, लेकिन उनकी टीम हार गई। ऐसे पांच उल्लेखनीय उदाहरण हैं: ज़िम्बाब्वे के चार्ल्स कोवेंट्री, ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन, स्कॉटलैंड के जॉर्ज मुंसी, वेस्टइंडीज के एविन लुईस, और पाकिस्तान के फखर जमान की बेहतरीन पारियों के बावजूद उनकी टीमें जीत नहीं सकीं।
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वनडे क्रिकेट के इतिहास में कई बल्लेबाजों ने शानदार पारी खेली, फिर भी उनकी टीम हार गई। ये पांच पारियां व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ-साथ क्रिकेट प्रेमियों के दिल में कसक छोड़ गईं। इन बल्लेबाजों ने अकेले दम पर बड़े स्कोर बनाए, लेकिन जीत टीम से दूर रही।
16 अगस्त 2009 को बुलावायो के मैदान पर ज़िम्बाब्वे के चार्ल्स कोवेंट्री ने 156 गेंदों में 194 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 16 चौके और 7 छक्के लगाए, जो उस समय वनडे में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर के बराबर था। बावजूद इसके, उनकी टीम हार गई।
20 फरवरी 2007 को हेमिल्टन में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने 181 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 10 छक्के शामिल थे। उन्होंने टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन न्यूजीलैंड ने अंतिम ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।
12 जून 2025 को डंडी में स्कॉटलैंड के जॉर्ज मुंसी ने 191 रनों की आक्रामक पारी खेली। उनकी बदौलत स्कॉटलैंड ने मजबूत स्कोर बनाया, लेकिन नीदरलैंड्स ने टीम वर्क से लक्ष्य पूरा कर स्कॉटलैंड को हार का सामना करना पड़ा।
27 सितंबर 2017 को लंदन के द ओवल मैदान पर वेस्टइंडीज के एविन लुईस ने 176 रनों की नाबाद पारी खेली। चोट के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा, अन्यथा दोहरा शतक पूरा कर सकते थे। इंग्लैंड ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत संशोधित लक्ष्य हासिल कर मैच जीत लिया।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तान के फखर जमान ने 193 रनों की चमत्कारी पारी खेली। वे अकेले दम पर टीम को जीत के करीब ले गए, लेकिन रन आउट होकर पवेलियन लौट गए और टीम हार गई। उनकी यह पारी वनडे इतिहास की महान पारियों में दर्ज है।
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