डाबड़ा से जीणमाता के लिए निशुल्क पदयात्रा शुरू
ग्रामीणों और युवाओं ने भजन-कीर्तन के साथ मां के दरबार की ओर बढ़े
डाबड़ा गांव से जीणमाता के लिए निशुल्क पदयात्रा शुरू हुई, जिसमें ग्रामीण, युवा और श्रद्धालु धार्मिक ध्वज लेकर भागीदार बने। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, वाहन और डीजे की व्यवस्था निशुल्क की गई है और युवाओं की टीम सेवा संभाल रही है।
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एक नज़र में
- डाबड़ा गांव से जीणमाता के लिए निशुल्क पदयात्रा का आयोजन हुआ।
- पदयात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और श्रद्धालु भाग लिए।
- यात्रा के दौरान भोजन, पानी, वाहन और डीजे की पूरी निशुल्क व्यवस्था की गई।
- युवाओं की एक टीम सेवा और व्यवस्थाएं संभाल रही थी।
- युवा मंडल डाबड़ा के सदस्य सक्रिय रूप से मदद कर रहे थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पदयात्रा कहां से शुरू हुई?
- पदयात्रा चारभुजा मंदिर से शुरू हुई।
- पदयात्रा में कौन-कौन हिस्सा ले रहे हैं?
- ग्रामीण, युवा और श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ध्वज लेकर पदयात्रा में शामिल हुए।
- यात्रा के दौरान किन सुविधाओं की व्यवस्था की गई है?
- श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, वाहन और डीजे की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
- पदयात्रा की सेवा और व्यवस्था कौन संभाल रहा है?
- युवाओं की एक टीम और युवा मंडल डाबड़ा के सदस्य सेवा और व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं।
- पदयात्रा निशुल्क क्यों है?
- पदयात्रा अधिक से अधिक ग्रामीणों को जोड़ने और उनकी सुविधा के लिए पूरी तरह निशुल्क रखी गई है।
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डीडवाना। डीडवाना के डाबड़ा गांव में शनिवार को जीणमाता के लिए पदयात्रा चारभुजा मंदिर से रवाना हुई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ध्वज लिए भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा में शामिल हुए।
पदयात्रा शुरू होते ही पूरे गांव में मां जीणमाता के जयकारे गूंज उठे। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, वाहन और डीजे की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क की गई है। यात्रा के दौरान युवाओं की एक टीम सेवा और व्यवस्थाएं संभाल रही थी। युवा मंडल डाबड़ा के सदस्य भी सक्रिय रूप से मदद कर रहे थे।
जुड़े थानसिंह डाबड़ा ने बताया कि जीणमाता के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। गजेंद्र सिंह ने कहा, "यह पदयात्रा पूरी तरह निशुल्क है।" पदयात्रा में ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को जोड़ने और उनकी सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
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