भीलवाड़ा में 10 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया
352 उम्मीदवार चुनाव मैदान में, गुरुवार दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का अंतिम दिन
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में 10 निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए, जिसके बाद 352 उम्मीदवार मैदान में हैं। नमांकन वापसी की अंतिम समय सीमा गुरुवार दोपहर 3 बजे तक है, और प्रमुख राजनीतिक दल निर्दलीय उम्मीदवारों को मनाने के प्रयास में लगे हुए हैं। मांडलगढ़, किशनगढ़, और नीमराना में भी नामांकन वापसी जारी है, जिससे राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है और पार्टियों के अंदरूनी संघर्ष उभर कर सामने आ रहे हैं।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में बुधवार को 10 निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस लिए। कुल 362 उम्मीदवारों में से अब 352 ही चुनाव लड़ेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया गुरुवार दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगी।
भीलवाड़ा के 70 वार्डों में कुल 362 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। दोनों प्रमुख राजनीतिक दल निर्दलीय उम्मीदवारों को मनाने के लिए रणनीतियां बना रहे हैं। पार्टी प्रत्याशी भी अपने प्रयासों से निर्दलीय उम्मीदवारों की नाम वापसी करवाने में लगे हैं।
मांडलगढ़ नगर पालिका चुनाव में भी नामांकन वापसी शुरू हो गई है। यहां कुल 103 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे, जिनमें से दो नामांकन रद्द हो चुके हैं। बुधवार को दो उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया, जिनमें वार्ड 12 से घनश्याम सोनी और वार्ड 17 से फरीदा बानो शामिल हैं। अब चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों की संख्या कम हो गई है।
नामांकन वापसी की अंतिम समय सीमा गुरुवार दोपहर 3 बजे तक है। कई वार्डों में राजनीतिक और व्यक्तिगत समीकरणों के आधार पर और नामांकन वापस होने की संभावना बनी हुई है।
किशनगढ़ में 14 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया है। वार्ड 17 और 45 से दो-दो प्रत्याशियों ने नाम वापसी की है। वार्ड 17 से नवीन कुमार जिंदल और मुकुट बिहार ने नाम वापस लिया। वार्ड 45 से सुमन सैनी और सुमन कुमारी मालाकार ने भी नामांकन वापस लिया। इसके अलावा वार्ड 55 से मनोज मालाकार ने अपना नाम वापस लिया है।
नीमराना में भी नामांकन वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वार्ड 22 से भाजपा प्रत्याशी सनोज ने अपना नामांकन वापस लिया है। वहीं, वार्ड 24 से सुनीता ने भाजपा के सिंबल पर आवेदन नहीं किया था और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है।
नामांकन वापसी के बाद राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। टिकट बंटवारे के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिससे दोनों दलों के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने मुकाबला कठिन हो सकता है।
वार्ड 10 में कांग्रेस के टिकट बंटवारे के बाद पारिवारिक और राजनीतिक टकराव चर्चा में है। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर एक दावेदार ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया है और कांग्रेस जिलाध्यक्ष को खुली चुनौती दी है।
इस तरह कई वार्डों में बागी उम्मीदवार पार्टी के पुराने वोटरों में सेंध लगा सकते हैं, जिससे मुकाबला और भी जटिल हो सकता है।
5 free articles left today
0 of 5 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.