धौलपुर में कृषि पर्यवेक्षकों ने मुख्यमंत्री को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
डीपीसी प्रक्रिया पूरी करने और गैर-विभागीय कामों से मुक्त करने की मांग
धौलपुर में कृषि पर्यवेक्षकों ने मुख्यमंत्री को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए डीपीसी प्रक्रिया पूरी करने और गैर-विभागीय कार्यों से मुक्त करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन करेंगे और 8 सितंबर 2026 से विभागीय ऑनलाइन कार्यों और फसल कटाई प्रयोगों का बहिष्कार किया जाएगा।
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धौलपुर। धौलपुर में कृषि पर्यवेक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। इसमें लंबित डीपीसी प्रक्रिया पूरी करने और विभागीय कामों के अलावा अन्य कार्यों से मुक्त करने की मांग शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
अटरू में कृषि पर्यवेक्षक संघ की जिला शाखा ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पिछले दो साल से अटकी डीपीसी प्रक्रिया को पूरा करने और कृषि पर्यवेक्षकों को गैर-विभागीय कामों से मुक्त रखने की मांग की गई है। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इस बारे में अधिकारियों को कई बार बताया जा चुका है।
कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति, राजस्थान के आह्वान पर जिला शाखा ने आंदोलन का अगला चरण घोषित किया है। इसके तहत 8 सितंबर 2026 से विभागीय ऑनलाइन कार्यों और ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोगों का बहिष्कार किया जाएगा। इससे पहले राजकीय व्हाट्स ऐप ग्रुप से लेफ्ट होने, उद्यान विभाग के अतिरिक्त कार्यों और फार्मर रजिस्ट्री कैंपों के बहिष्कार का निर्णय लिया जा चुका है।
ज्ञापन ब्लॉक अध्यक्ष सतीश कुमार मीणा और ब्लॉक महामंत्री यादराम मीणा की अगुवाई में सौंपा गया। इस दौरान ब्लॉक के कई वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक भी मौजूद थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो संघ आंदोलन करेगा।
कृषि पर्यवेक्षकों का कहना है कि गैर-विभागीय कामों में लगाए जाने से उनके विभागीय काम पर असर पड़ता है। इसलिए उन्हें केवल कृषि विभाग से जुड़े काम दिए जाएं।
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