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अमित शाह के पत्र पर कांग्रेस का पलटवार, खेरा बोले, समय तय करने वाले आप कौन होते हैं?
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अमित शाह के पत्र पर कांग्रेस का पलटवार, खेरा बोले, समय तय करने वाले आप कौन होते हैं?

संसद में छात्र मुद्दों पर चर्चा के लिए समय तय करने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता पवन खेरा ने सवाल उठाया कि सदन में किस मुद्दे पर कब चर्चा होगी, इसका समय तय करने का अधिकार गृह मंत्री को किसने दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले 18 दिनों से छात्रों, युवाओं और कथित तौर पर फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़े सवालों पर जवाब मांग रहा है। खेरा ने कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं, कोई “शहंशाह” नहीं, जो संसद की बहस का समय या “मुहूर्त” अपनी तरफ से तय करें। उनका कहना था कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है और सरकार का दायित्व उन सवालों का जवाब देना है। चर्चा की अवधि और विषय सरकार की सुविधा के अनुसार सीमित नहीं किए जा सकते।

उन्होंने शाह के उस रुख पर भी आपत्ति जताई, जिसमें निश्चित समय पर चर्चा शुरू करने की बात कही गई थी। खेरा ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से सदन में छात्रों पर हुई कार्रवाई और अन्य गंभीर मुद्दों को उठा रहा है। ऐसे में सरकार केवल अपनी पसंद के एक समय और सीमित एजेंडे पर चर्चा की शर्त नहीं रख सकती।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बहस के लिए तैयार है तो उसे विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सभी प्रमुख सवालों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ फंड के इस्तेमाल पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।

संसद में छात्र मुद्दों पर चर्चा के लिए समय तय करने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता पवन खेरा ने सवाल उठाया कि सदन में किस मुद्दे पर कब चर्चा होगी, इसका समय तय करने का अधिकार गृह मंत्री को किसने दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले 18 दिनों से छात्रों, युवाओं और कथित तौर पर फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़े सवालों पर जवाब मांग रहा है। खेरा ने कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं, कोई “शहंशाह” नहीं, जो संसद की बहस का समय या “मुहूर्त” अपनी तरफ से तय करें। उनका कहना था कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है और सरकार का दायित्व उन सवालों का जवाब देना है। चर्चा की अवधि और विषय सरकार की सुविधा के अनुसार सीमित नहीं किए जा सकते। उन्होंने शाह के उस रुख पर भी आपत्ति जताई, जिसमें निश्चित समय पर चर्चा शुरू करने की बात कही गई थी। खेरा ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से सदन में छात्रों पर हुई कार्रवाई और अन्य गंभीर मुद्दों को उठा रहा है। ऐसे में सरकार केवल अपनी पसंद के एक समय और सीमित एजेंडे पर चर्चा की शर्त नहीं रख सकती। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बहस के लिए तैयार है तो उसे विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सभी प्रमुख सवालों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ फंड के इस्तेमाल पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।

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