{
    "@context": "https://schema.org",
    "@type": "NewsArticle",
    "@id": "https://niharikatimes.com/article/subhash-chandra-1322-crore-fraud-case-registered",
    "url": "https://niharikatimes.com/article/subhash-chandra-1322-crore-fraud-case-registered",
    "article_id": 3956,
    "headline": "सुभाष चंद्रा पर ₹1,322 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज",
    "summary": "CBI ने LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की शिकायत पर सुभाष चंद्रा और तीन अन्य के खिलाफ ₹1,322 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि चंद्रा ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट प्रस्तुत कर लोन लिया था, जबकि उनकी असली संपत्ति बहुत कम थी। मामले में चंद्रा पर दिवालिया घोषित करने और संपत्ति हस्तांतरित करने पर रोक लगी है।",
    "articleBody": "CBI ने जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा समेत चार लोगों के खिलाफ ₹1,322 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की शिकायत पर हुई है, जिसमें आरोप है कि चंद्रा ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा कर लोन लिया।\n\nसुभाष चंद्रा के अलावा पंकज सुरोलिया, अमिश पांड्या और राजीव ढोलकिया पर 2018 से 2026 के बीच धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। चंद्रा जी मीडिया के मालिक एस्सेल ग्रुप के हेड और जी एंटरटेनमेंट के पूर्व चेयरमैन हैं।\n\nलोन मंजूर कराने के लिए चंद्रा ने एक नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा किया था, जिसमें उनकी व्यक्तिगत कुल संपत्ति ₹59,113 करोड़ दर्शाई गई थी। इस आधार पर LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने उनकी कंपनियों को ₹1,322 करोड़ से अधिक का लोन दिया।\n\nजब कंपनियां कर्ज नहीं चुका सकीं, तो चंद्रा के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई शुरू हुई। 2024 में उनकी असली कुल नेटवर्थ मात्र ₹31.79 करोड़ है। चंद्रा ने कहा कि 2017-18 में भी उनकी संपत्ति ₹40,000 करोड़ से अधिक नहीं थी।\nयह भी पढ़ें\nसेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ को दी मंजूरी\nएस जयशंकर ने पोलैंड में व्यापार और रक्षा पर चर्चा की\nCBI ने डिजिटल अरेस्ट गैंग के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार\nतिहाड़ जेल में बंद आरोपी ने मांगी धार्मिक और साहित्यिक किताबें\n\nचंद्रा की दिवालिया प्रक्रिया पहले भी विवादों में रही है। उन्होंने ₹22,000 करोड़ की देनदारी के बदले सिर्फ ₹6.5 करोड़ देकर मामला खत्म करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की सिंगल बेंच ने मान लिया था। इसके बाद मामले की सुनवाई के लिए पांच जजों की विशेष बेंच बनाई गई, जिसका चंद्रा ने विरोध किया था।\n\nयह अदालत कंपनियों और कारोबार से जुड़े विवादों का निपटारा करती है। जब कोई कंपनी या कारोबारी कर्ज नहीं चुका पाता, तो बैंक और कर्जदाता वसूली के लिए सबसे पहले इस अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।\n\nएस्सेल ग्रुप के चेयरमैन चंद्रा पर मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के आरोपों को रिलायंस ने गलत बताया है। चंद्रा ने आरोप लगाया कि रिलायंस की ओर से उन पर गलत आरोप लगाकर फेक खबरें फैलाई जा रही हैं।\n\nLIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का दावा है कि 2018 में क्रेडिट फैसिलिटी लेते समय चंद्रा ने ₹59,113 करोड़ का नेटवर्थ सर्टिफिकेट पेश किया था, जबकि 2024 में उन्होंने अपनी नेटवर्थ केवल ₹31.79 करोड़ बताई।\n\nराष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने चंद्रा को अपनी संपत्तियां बेचने या हस्तांतरित करने से रोक दिया है। साथ ही समूह की कंपनियों के कर्ज के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े करीब ₹22,006 करोड़ के दावों का लगभग ₹6.5 करोड़ में निपटान करने की अनुमति देने वाले आदेश पर भी रोक लगाई है।\n\nविवाद एक री-पेमेंट योजना को लेकर है, जिसके तहत चंद्रा को समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावों का महज ₹6.5 करोड़ में निपटान करने की अनुमति दी गई थी। यह ₹22,006 करोड़ के मुकाबले 99.9 प्रतिशत की कटौती है।\n\nदस बैंकों और कर्जदाताओं ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, जबकि एचडीएफसी बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस और केनरा बैंक समेत असहमत कर्जदाताओं ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे वसूली बहुत कम होगी। असहमत कर्जदाताओं के पास 20 प्रतिशत से कम मताधिकार था।\n\nचंद्रा ने कहा है कि व्यापक रूप से बताई जा रही ₹22,006 करोड़ की राशि वह व्यक्तिगत रूप से उधार नहीं ली थी। इसमें समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज के लिए दी गई गारंटी से जुड़े दावे शामिल हैं। उन्होंने व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावों की राशि करीब ₹3,990 करोड़ बताई है और कहा कि बड़ी राशि मूल रूप से कर्ज लेने वाली कंपनियों के खिलाफ दावों से संबंधित है।\n\nअसहमत कर्जदाताओं ने चंद्रा की घोषित कुल संपत्ति की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गारंटी देने के लिए उनकी संपत्ति का विवरण एक प्रमुख आधार था। कर्जदाताओं के अनुसार, प्रमाणित आंकड़ों में 2018 में उनकी कुल संपत्ति करीब ₹40,600 करोड़ और 2017 में ₹45,900 करोड़ थी, जबकि 2024 तक यह राशि काफी घट गई थी।\n\nचंद्रा कभी भारत के प्रमुख कारोबारी चेहरों में शामिल थे। उन्होंने टेलीविजन, पैकेजिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डायरेक्ट-टू-होम टेलीविजन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार खड़ा किया। वह भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से राज्यसभा सदस्य भी निर्वाचित हुए थे।\n\nउनकी संपत्ति कभी उतनी थी ही नहीं, जितनी उन्होंने लोन लेते समय LIC HFL को बताए गए सर्टिफिकेट्स में दिखाई थी\nसुभाष चंद्रा, जी ग्रुप के फाउंडर\nरी-पेमेंट योजना पर स्पष्ट बहुमत नहीं बना और इसलिए आदेश को प्रभावी नहीं किया जा सकता\nसदस्यीय विशेष पीठ",
    "word_count": 781,
    "ai_json": "https://niharikatimes.com/ai/article/subhash-chandra-1322-crore-fraud-case-registered.json",
    "chunks_url": "https://niharikatimes.com/ai/article/subhash-chandra-1322-crore-fraud-case-registered/chunks.jsonl",
    "published_at": "2026-09-05T11:24:54+00:00",
    "updated_at": "2026-09-05T11:24:54+00:00",
    "language": "hi",
    "authors": [
        {
            "@type": "Person",
            "name": "न्यूज़ डेस्क",
            "url": "https://niharikatimes.com/author/newsdesk-bot"
        }
    ],
    "key_takeaways": [
        "CBI ने सुभाष चंद्रा समेत चार लोगों के खिलाफ ₹1,322 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।",
        "सुभाष चंद्रा ने 2018 में ₹59,113 करोड़ का फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा कर लोन लिया था।",
        "2024 में उनकी वास्तविक कुल नेटवर्थ मात्र ₹31.79 करोड़ है।",
        "राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने चंद्रा की संपत्तियां बेचने और ₹22,006 करोड़ के दावों के ₹6.5 करोड़ में निपटान करने से रोक लगा दी है।",
        "कई कर्जदाता ₹6.5 करोड़ निपटान प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे वसूली बहुत कम होगी।"
    ],
    "faq": [
        {
            "question": "CBI ने किस आधार पर सुभाष चंद्रा पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया?",
            "answer": "CBI ने धोखाधड़ी की जांच LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की शिकायत पर की, जिसमें आरोप था कि चंद्रा ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा कर लोन लिया।"
        },
        {
            "question": "सुभाष चंद्रा की असली नेटवर्थ कितनी बताई गई है?",
            "answer": "2024 में उनकी असली कुल नेटवर्थ ₹31.79 करोड़ बताई गई है।"
        },
        {
            "question": "चंद्रा ने ₹22,000 करोड़ की देनदारी के मामले को कैसे हल करने का प्रयास किया?",
            "answer": "उन्होंने ₹22,000 करोड़ की देनदारी के बदले सिर्फ ₹6.5 करोड़ देकर मामला खत्म करने का प्रस्ताव दिया था।"
        },
        {
            "question": "नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल किस काम के लिए बनी है?",
            "answer": "यह अदालत कंपनियों और कारोबार से जुड़े विवादों का निपटारा करती है, खासकर जब कोई कंपनी कर्ज नहीं चुका पाती।"
        },
        {
            "question": "रिलायंस ने सुभाष चंद्रा पर लगे आरोपों पर क्या बयान दिया?",
            "answer": "रिलायंस ने कहा कि चंद्रा पर मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के आरोप गलत हैं।"
        }
    ],
    "timeline": [
        {
            "date": "2018",
            "event": "चंद्रा ने ₹59,113 करोड़ का फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा कर क्रेडिट फैसिलिटी ली।"
        },
        {
            "date": "2017-18",
            "event": "चंद्रा ने कहा था कि उनकी संपत्ति ₹40,000 करोड़ से अधिक नहीं थी।"
        },
        {
            "date": "2024",
            "event": "चंद्रा की असली कुल नेटवर्थ ₹31.79 करोड़ बताई गई।"
        },
        {
            "date": "2024",
            "event": "राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने चंद्रा की संपत्तियां बेचने से रोक लगा दी।"
        }
    ],
    "key_numbers": [
        {
            "value": "₹1,322 करोड़",
            "context": "सुभाष चंद्रा और अन्य पर दर्ज धोखाधड़ी का कुल लोन राशि।"
        },
        {
            "value": "₹59,113 करोड़",
            "context": "2018 में चंद्रा द्वारा दिखाया गया फर्जी नेटवर्थ।"
        },
        {
            "value": "₹31.79 करोड़",
            "context": "2024 में चंद्रा की असली कुल नेटवर्थ।"
        },
        {
            "value": "₹22,006 करोड़",
            "context": "चंद्रा पर समूह की कंपनियों के कर्ज से जुड़े व्यक्तिगत गारंटी दावे।"
        },
        {
            "value": "₹6.5 करोड़",
            "context": "₹22,006 करोड़ के दावों का निपटान करने की न्यूनतम राशि।"
        },
        {
            "value": "99.9%",
            "context": "ऋण दावों में कटौती की प्रतिशतता ₹22,006 करोड़ से ₹6.5 करोड़ तक।"
        },
        {
            "value": "20%",
            "context": "असहमत कर्जदाताओं के पास मताधिकार की कम-से-कम प्रतिशत।"
        },
        {
            "value": "₹3,990 करोड़",
            "context": "चंद्रा द्वारा दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावों की राशि।"
        }
    ],
    "key_quotes": [
        {
            "quote": "उनकी संपत्ति कभी उतनी थी ही नहीं, जितनी उन्होंने लोन लेते समय LIC HFL को बताए गए सर्टिफिकेट्स में दिखाई थी",
            "speaker": "सुभाष चंद्रा, जी ग्रुप के फाउंडर"
        },
        {
            "quote": "री-पेमेंट योजना पर स्पष्ट बहुमत नहीं बना और इसलिए आदेश को प्रभावी नहीं किया जा सकत",
            "speaker": "सदस्यीय विशेष पीठ"
        }
    ],
    "entities": [
        {
            "name": "सुभाष चंद्रा",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:7449bae8-8cb4-4560-aff1-7f92941e60eb",
            "slug": "subhash-chandra-2",
            "prominence": 15,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "पंकज सुरोलिया",
            "type": "Person",
            "id": "kg:0a3fb4f6-102c-476e-9ce3-5b71b66b6ee1",
            "slug": "pankaj-suroliya",
            "prominence": 14,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "अमिश पांड्या",
            "type": "Person",
            "id": "kg:d7c39c5a-34c8-40a9-ae11-7ece2055bd0b",
            "slug": "amish-pandya",
            "prominence": 13,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "राजीव ढोलकिया",
            "type": "Person",
            "id": "kg:ba77a9d2-8430-461a-8e73-921b6bdd6e94",
            "slug": "rajiv-dholkiya",
            "prominence": 12,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "CBI",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:d7f8d2f5-693d-4b2c-9acf-e3e925b3a4cf",
            "slug": "cbi",
            "same_as": [
                "https://www.wikidata.org/wiki/Q1261157"
            ],
            "prominence": 11,
            "confidence": 0.95
        },
        {
            "name": "LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:16e27216-1ace-47da-8dd1-76c5916a075e",
            "slug": "lic-hausing-phainens-limited",
            "prominence": 10,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "सुभाष चंद्रा धोखाधड़ी मामला",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:d3da8a13-6c39-4402-a261-4d2d488b248a",
            "slug": "subhash-chandra-dhokhadhri-mamla",
            "prominence": 10,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "एस्सेल ग्रुप",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:7be57aca-826c-401b-9179-aaaf50378f47",
            "slug": "essel-grup",
            "prominence": 9,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "जी एंटरटेनमेंट",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:2168b5fa-9e43-43a8-8d0d-029a469aa1ea",
            "slug": "ji-entartenment",
            "prominence": 8,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "जी ग्रुप",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:252ccc4a-a50e-4eb3-b75b-3efedafff79b",
            "slug": "ji-grup",
            "prominence": 8,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "LIC हाउसिंग फाइनेंस",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:c3b2be62-bdeb-4a42-947a-43e36cc85582",
            "slug": "lic-hausing-phainens",
            "prominence": 7,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "रिलायंस",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:f35d0de9-5319-49c9-9f02-7cd803299b3b",
            "slug": "rilayans",
            "prominence": 7,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:6e566372-c9db-45f0-8e82-b95385f58e6c",
            "slug": "neshnal-kampni-lo-tribyunal",
            "prominence": 6,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "धोखाधड़ी",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:c35cd4cb-5114-4b02-a194-343f178aab1f",
            "slug": "dhokhadhri",
            "same_as": [
                "https://www.wikidata.org/wiki/Q28813"
            ],
            "prominence": 5,
            "confidence": 0.95
        },
        {
            "name": "राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:c7cae9c6-7e42-4ec1-a909-65ec145ee807",
            "slug": "rashtriy-kampni-vidhi-apiliy-nyayadhikran",
            "prominence": 5,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "एचडीएफसी बैंक",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:0b71b958-53e3-448d-8297-0e440a16328c",
            "slug": "echdiephsi-baink",
            "prominence": 4,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "नेटवर्थ सर्टिफिकेट",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:c5007283-fb82-419d-92c0-cc80df93f9b1",
            "slug": "netvarth-sartiphiket",
            "prominence": 4,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "केनरा बैंक",
            "type": "Organization",
            "id": "kg:f1a9f588-fa37-4def-8b26-53a992aa4866",
            "slug": "kenra-baink",
            "prominence": 3,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "₹1",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:f5f61a36-7a7b-4c4e-9543-42ee6d6ec6a1",
            "slug": "rs1",
            "prominence": 3,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "322 करोड़",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:88feb742-a9fd-4b1a-aedc-938e3eb62a83",
            "slug": "322-karor",
            "prominence": 2,
            "confidence": 0.7
        },
        {
            "name": "भारत",
            "type": "Place",
            "id": "kg:fa943bd7-1320-4cbf-9fbe-8814bbf43855",
            "slug": "bharat",
            "same_as": [
                "https://www.wikidata.org/wiki/Q668"
            ],
            "prominence": 2,
            "confidence": 0.95
        },
        {
            "name": "फर्जी लोन",
            "type": "Topic",
            "id": "kg:2c93933c-254f-4b80-8d68-c0603dbb021c",
            "slug": "pharji-lon",
            "prominence": 1,
            "confidence": 0.7
        }
    ],
    "claims": [],
    "confidence": {
        "entities_total": 22,
        "entities_resolved": 22,
        "entities_with_external_ref": 3,
        "claims_source_verified": 0,
        "ai_generated_fields": [
            "summary",
            "key_takeaways",
            "faq",
            "timeline",
            "key_numbers",
            "key_quotes"
        ],
        "editorially_verified_fields": [],
        "note": "AI-generated fields are produced from the article and not individually human-reviewed; listed claims are editorially source-verified; per-entity confidence reflects knowledge-graph resolution."
    },
    "publisher": {
        "@type": "NewsMediaOrganization",
        "@id": "https://niharikatimes.com/#publisher",
        "name": "Niharika Times",
        "url": "https://niharikatimes.com/",
        "logo": "https://niharikatimes.com/assets/icons/icon-512.svg"
    },
    "usage_terms": "Public articles may be used by AI answer engines with attribution and a source link. Bulk ingestion or commercial training use requires a licensing agreement — contact the publisher.",
    "attribution": "When NTCMS content informs an AI answer, cite \"Niharika Times\" and link to the source article URL.",
    "ai_usage": "allow"
}